एक नारीवादी गीत की व्याख्या

वर्त्तमान परिस्थितियों में जबकि शहद सिंह सरीखे उन गायकों का बोलबाला है जो अपने गानों से ही मोलेस्ट करने की क्षमता रखते हैं, उस वक़्त किसी नारीवादी गाने से रूबरू होना देहात में कॉकटेल लिए किसी नारीवाद की क्रान्तिकारिणी का गाँव के सबसे ठरकी बुड्ढे से बहस करने जैसा है। ये गाना है कुछ बरस पहले आयी मूवी ‘मैं तेरा हीरो’ से। शीर्षक से ही प्रतीत होता है कि ये मूवी भी पितृसत्तात्मक व्यवस्था द्वारा नारी को दबाने का एक ओछा प्रयास है। बहरहाल, गाने का शीर्षक है ‘गलत बात है’। इस गाने में एक ओर अधनंगा पुरुष अश्लीलता फैलाते हुए दो लड़कियों को प्रताड़ित करता नज़र आता है वहीँ दो मासूम लड़कियाँ अधोवस्त्रों में अपनी आज़ादी को प्रकट करते हुए नारी समाज को प्रेरणा देने का काम करती है। पुरुष इसमें बहुविवाह की प्रथा को बढ़ावा देते हुए दोनों युवतियों से प्रणय निवेदन करते जा रहा है। निवेदन क्या वो शिकायत कर रहा है कि तुम दोनों मुझसे नहीं पट रही ये बिलकुल गलत बात है। इस से ये भी प्रतीत होता है कि ये पुरुष औरतों की भावनाओं की कितनी कम क़द्र करते हैं। तक़रीबन आधे गाने बाद अधनंगा पुरुष बोलता है कि “छोटे कपडे पहन के यूँ नचना तो गलत बात है”। ये सुनते ही किसी भी नारीवादी का मन रोश से भर जाना लाजिमी है। लाल निक्कर पहने पहले तो ये कम्युनिस्ट मालूम हुआ था मगर अब दक्षिणपंथी लगने लगा है। दोनों युवतियों भी आक्रोश में आ जाती हैं ये सुन के कि कैसे उनके कपडे न पहनने की आज़ादी पर एक अधनंगा निक्कर वाला ऊँगली उठा रहा है। उसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए एक सुंदरी कहती है कि “खोटे नैनों से हमको यूँ तकना तो गलत बात है”। ये सुन के दिल बाग़ बाग़ हो उठता है कि क्या जवाब दिया है! लेकिन मज़ा तो अभी शुरू हुआ है अब युवतियाँ अपने अधिकारों का प्रयोग करती हुई लड़के को छेड़ना शुरू करती है, ये देख किसी भी नारीवादी का दिल हर्ष से भर जायेगा। युवतीयों की इस आज़ादी से बौखलाया पुरुष फिर कहता है कि “थोडा खुद को ओ कुड़ियों संभालो ज़रा, यूँ सरेआम हमको पटाना तो गलत बात है”। इस पर युवतियाँ तत्परता से पुरुष को आइना दिखाते हुए कहती है कि, “तुम करो तो सही हम करे तो क्यों गलत बात है”। ये सुन के पुरुष निरुत्तर हो के पुरानी बातें ही दोहराने लगता है और हमारी युवतियाँ अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए उसको छेड़ना जारी रखती है। ये देख तमाम नारीवादियों की आँखों में ख़ुशी के मादा आँसू भर आते हैं।

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