वार्तालाप 05

1: अरे भाई, तू इधर कैसे? 2: धनतेरस की शॉपिंग करने आया था, इधर पहचान का एक ज्वेलर है। 1: ओहो! खूब सोना खरीदा जा रहा है। एक हम हैं जो बस झाड़ू खरीद के काम चला रहे हैं। 2: हाँ बे तुम हो ही आपिये तो झाड़ू ही खरीदोगे न। 1: चल बे, ऐसी…

वार्तालाप 04

1: अरे भाई! ज़माने बाद मिल रहे हो। कभी हम गरीबों के लिए भी टाइम निकाल लिया करो। 2: क्या बताये भाई, बड़ा कष्ट है ज़िन्दगी में। इतना काम रहता है कि बड़े दिनों से खुद से नहीं मिल पाए तो तुमसे कहाँ से मिलते? 1: बड़के philosopher बन के आये हो बे तुम तो।…

एक नारीवादी गीत की व्याख्या

वर्त्तमान परिस्थितियों में जबकि शहद सिंह सरीखे उन गायकों का बोलबाला है जो अपने गानों से ही मोलेस्ट करने की क्षमता रखते हैं, उस वक़्त किसी नारीवादी गाने से रूबरू होना देहात में कॉकटेल लिए किसी नारीवाद की क्रान्तिकारिणी का गाँव के सबसे ठरकी बुड्ढे से बहस करने जैसा है। ये गाना है कुछ बरस…

वार्तालाप 03

1: कहाँ था बे इतने दिन? दिखा नहीं। 2: पहले अंदर तो आने दे बे…बस शहर में नहीं था। कल आया, आज सोचा कि देख लूँ ज़िंदा है या नहीं। 1: घंटा! ज़रूर कोई काम होगा तुझको। 2: कतई शक्की हो बे…हाँ वो गेम ऑफ़ थ्रोन्स के इस सीजन का 4th एपिसोड से चाहिए था।…

वार्तालाप 02

1: Hey! आज इधर कैसे? 2: Hi.. बस ऐसे ही। और..क्या चल रहा है आजकल? 1: अरे बस वही बेरोजगारी। तू बता, सुना है तेरे लिए लड़का खोजा जा रहा है। 2: कहाँ से सुनते रहता है ये सब तू? 1: I have ears at right places. 2: घंटा! घर वाले बड़ा प्रेशर दे रहे…

चुम्मा की विकास यात्रा

किस्स, चुम्मा, चुम्बन, बोसा..ऐसे अनेक नाम से ये हरकत जानी जाती है। अगर इसको परिभाषा में बांधने जाएँ तो कह सकते हैं कि यह दो जनों के बीच होने वाली वह दैहिक क्रिया है जिससे प्रेम और वासना दोनों का पुरजोर प्रदर्शन किया जाता रहा है। यहाँ हम U सर्टिफिकेट वाले गालों पर के किस…