हुस्न

..और जब तुम मेरे कहने पे

कि तुम कितनी ख़ूबसूरत हो

मेरा ऐतबार नहीं करती तो मैं निराश होता हूँ

मैं सोचता हूँ

कि क्या तुम भी वो पैमाने मानती हो हुस्न के

जो कि छिछले और व्यर्थ हैं?

मैं तुम्हें जानता हूँ

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हार जीत

एक तरफ के इश्क़ में 

हारा ही करते हैं लोग

सब छूट ही जाता है

सब खो ही जाता है आखिर में

लेकिन
…….

तुम जैसे मेरा एक ख़्वाब हो

तुम जैसे मेरा एक ख़्वाब हो

जागते ही तुमसे महरूम हुए जाता हूँ

हसीं हसरतों की बदसूरत लाशें

ये सच है तो मैं सच से नज़र चुराता हूँ

उस रोज़ जो हुआ था वो फिर न होगा

………..

ग़लतफ़हमी का इश्क़

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वार्तालाप 02

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चुम्मा की विकास यात्रा

किस्स, चुम्मा, चुम्बन, बोसा..ऐसे अनेक नाम से ये हरकत जानी जाती है। अगर इसको परिभाषा में बांधने जाएँ तो कह सकते हैं कि यह दो जनों के बीच होने वाली वह दैहिक क्रिया है जिससे प्रेम और वासना दोनों का पुरजोर प्रदर्शन किया जाता रहा है। यहाँ हम U सर्टिफिकेट वाले गालों पर के किस…